कामदेव वशीकरण मंत्र

कामदेव वशीकरण मंत्र ,” जब किसी व्यक्ति को किसी से प्रेम हो जाए या वह आसक्त हो। विवाहित स्त्री या पुरुष की अपने जीवनसाथी से संबंधों में कटुता हो गई हो या कोई युवक या युवती अपने रुठे साथी को मनाना चाहते हो। किंतु तमाम कोशिशों के बाद भी वह मन के अनुकूल परिणाम नहीं
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वशीकरण के अचूक टोटके ,” अनार के पंचांग में सफेद घुघची मिला-पीसकर तिलक लगाने से समस्त संसार वश में होजाता है। कड़वी तूंबी (लौकी) के तेल और कपड़े की बत्ती से काजल तैयार करें। इसे आंखों मेंलगाकर देखने से वशीकरण हो जाता है। बिल्व पत्रों को छाया में सुखाकर कपिला गाय के दूध में पीस लें। इसका तिलक करकेसाधक जिसके पास जाता है, वह वशीभूत हो जाता है।कपूर तथा मैनसिल को केले के रस में पीसकर तिलक लगाने से साधक को जो भी देखताहै, वह वशीभूत हो जाता है। केसर, सिंदूर और गोरोचन तीनों को आंवले के साथ पीसकर तिलक लगाने से देखने वालेवशीभूत हो जाते हैं। श्मशान में जहां अन्य पेड़ पौधे न हों, वहां लाल गुलाब का पौधा लगा दें। इसका फूलपूर्णमासी की रात को ले आएं। जिसे यह फूल देंगे, वह वशीभूत हो जाएगा। शत्रु के सामनेयह फूल लगाकर जाने पर वह अहित नहीं करेगा अमावस्या की रात्रि को मिट्टी की एक कच्ची हंडिया मंगाकर उसके भीतर सूजी काहलवा रख दें। इसके अलावा उसमें साबुत हल्दी का एक टुकड़ा, ७ लौंग तथा ७ कालीमिर्च रखकर हंडिया पर लाल कपड़ा बांध दें। फिर घर से कहीं दूर सुनसान स्थान पर वह हंडिया धरती में गाड़ दें और वापस आकर अपने हाथ-पैर धो लें। ऐसा करने से प्रबलवशीकरण होता है। प्रातःकाल काली हल्दी का तिलक लगाएं। तिलक के मध्य में अपनी कनिष्ठिका उंगलीका रक्त लगाने से प्रबल वशीकरण होता है। कौए और उल्लू की विष्ठा को एक साथ मिलाकर गुलाब जल में घोटें तथा उसका तिलकमाथे पर लगाएं। अब जिस स्त्री के सम्मुख जाएगा, वह सम्मोहित होकर जान तकन्योछावर करने को उतावली हो जाएगी।

क्या आप भी नौकरी की तलाश में है? क्या आप अपनी वर्तमान नौकरी से खुश नहीं है? क्या आप नौकरी बदलना चाहते हैं? बजरंग बली का फोटो जिसमें उनका उड़ता हुआ चित्र हो घर में रखना चाहिए और उसकी पूजा करना चाहिए। अगर आपके लाख प्रयत्न करने के बाद भी आप अभी तक बेरोजगार हैं
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पति वशीकरण का मन्त्र    मन्त्रः- “जन मन मंजु मुकुर मल हरनी । कियें तिलक गुन गन बस करनी ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभः- पति वशीकरण मंत्र ,”किसी ग्रहण काल के पूर्ण समय में इस मन्त्र के लगातार जप करते रहें और जब आवश्यकता हो तब गोरोचन को घिस करके इस मन्त्र से
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